जैसा आप सोचेंगे वैसे आप बन जाओगे ( short motivational story) get read and bring your life

           Motivational story 


    !!! जैसा आप सोचोगे वैसे आप बन                               जाओगे !!!

आज हम आपको एक ऐसी कहानी से रूबरू करवाने वाले हैं इसके पश्चात आप कभी यह नहीं सोचेंगे कि जो मैं सोच रहा हूं क्या वह में कर पाऊंगा या नहीं, धैर्य से ईस कहानी का अध्ययन करें!!


दोस्तों हम लोगों ने केवल सुना हैं,  कि जैसा हम सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं , पर क्या हम  ईसको समझ पाए,हमने कभी ऐसा नहीं सोचा कि हम कैसे बन जाते हैं जो हम सोचते हैं,

आइए आज कुछ जीवन रहस्यो  के बारे में कुछ अच्छा सीखते हैं-
    
एक बार की बात है एक छोटे से गांव में एक गरीब परिवार में एक बेटे ने जन्म लिया जब वह छोटा था तब वहां के राजा बड़े ही क्रूर और अधर्मी थे,  प्रतिदिन उस गांव में उस राजा के सैनिक लूटपाट करते तथा वहां की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करना यह उस सैनिकों का पेशा सा बन चुका था, पर उस गांव में किसी की इतनी हिम्मत नहीं थी कि उस राजा एवं सैनिकों का मुकाबला कर सकें,  एक दिन उस लडके , के ने सोचा कि मैं ऐसे नहीं जी सकता मैं एक दिन राजा को खत्म कर यहां का एक कुशल प्रशासक बनूंगा उस लड़के ने उसकी मां से कहा !
 परंतु उसकी मां ने उस लड़के को मना कर दिया और यह बात उसके पिता तक चली गई उसके पिता ने उसको डराया धमकाया और ऐसा कुछ भी करने के लिए मना कर दिया , वह लड़का उसी वक्त उस घर को छोड़कर चला जाता है उसके मन में केवल एक ही बात थी मुझे यहां का राजा बनना है और इस क्रूर शासक का अंत करना है और कुछ वक्त बाद वह लड़का उस राज्य का राजा बन जाता है.

 पर क्या  सोचने मात्र से वह वहां का राजा बन गया,  आइए जानते हैं!

    घर छोड़कर वह लड़का जंगल में चला जाता है, और उसने वहां एक गुरु के आश्रम में गुरु की सेवा करने लगा साथ ही वह अपने लक्ष्य को ध्यान मैं रखता तथा गुरु से शिक्षा प्राप्त करता उसी आश्रम में आसपास के  राज्यों के राजकुमार भी शिक्षा अर्जित कर रहे थे उसने उनसे मित्रता की और लक्ष्य को उसने उन सबकी सोच में बदल दिया अर्थार्थ उस बालक ने यहां पर राजा की क्रूरता को सबके सामने कुछ इस तरह प्रस्तुत किया कि उस राजा के  प्रति लड़ने का आत्मविश्वास भर दिया और अपने लक्ष्य को उन सब का लक्ष्य बना दिया !!

कुछ वक्त बाद गुरु ने बालक को राजा के संहार के लिए चुना और उसके साथ गुरुकुल के सभी शिष्यो  ने उस लड़के का साथ जो कि अब किसी न किसी राज्य के राजा बन चुके थे, सब ने उस लड़के का साथ दिया और उस लड़के ने  क्रूर शासक का वध कर वहां का राजा बन गया!
     

      """    जो धैर्यवान नहीं उसका ना कोई वर्तमान हैं और ना कोई भविष्य """




कहानी शिक्षा---

    1.  दोस्तों हमें इस कहानी से यह शिक्षा मिलती हैं कि जब हम एक बार कुछ कुछ निश्चित निर्णय कर लेते हैं तो वही हमारी सोच बन जाता है और जब हम हर वक्त सोच के लिए कुछ कर रहे होते हैं तो यकीनन हम सोच को एक दिन सत्य में बदल देते हैं ! 
  2.  हमें हमेशा सकारात्मक लोगों से तथा सकारात्मक सोच के साथ ही अपने लक्ष्य के लिए आगे  बढ़ना चाहिए, जिस तरह उस बालक ने अपने घर का त्याग किया अन्यथा वह उन्हीं लोगों में रहता जो एक नकारात्मक सोच रखते हैं और वह अपने लक्ष्य  को कभी प्राप्त नहीं कर सकता था!

              कहानी आपकी है   ( कहानी संग्रह )        

https://akjindgi.blogspot.com/2020/04/short-motivational-story-get-read-and.html?m=1
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==इसी तरह की प्रेरित कहानियों के लिए आप हमसे जुड़े रहे , नकारात्मक सोच दूर रखें हमेशा सकारात्मक रहे===

      

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